जमशेदपुर, झारखंड | 10 नवम्बर 2025:
देश के शैक्षणिक समुदाय के लिए गौरवपूर्ण क्षण में, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं अनुभवी शैक्षणिक प्रशासक माननीय डॉ. प्रभात कुमार पाणी को शिक्षा उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान में उनके असाधारण कार्यों के लिए ब्लू स्टार इवेंट, नासिक द्वारा प्रतिष्ठित “अशोका नेशनल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025” से सम्मानित किया गया है।
लगभग 39 वर्षों के लंबे शिक्षण, शोध और शैक्षणिक नेतृत्व अनुभव के साथ, डॉ. पाणी वित्त एवं प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी विद्वानों में से एक के रूप में स्थापित हैं। संबलपुर विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी प्रथम (Gold Medal Nominee) एम.कॉम. की डिग्री तथा रांची विश्वविद्यालय से वाणिज्य में पीएच.डी. प्राप्त कर उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता की एक मजबूत नींव रखी है।
डॉ. पाणी की प्रमुख शैक्षणिक उपलब्धियाँ:
- 10 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि हेतु सफल मार्गदर्शन
- 24 शोध एवं पाठ्य पुस्तकों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशन
- 41 शोध लेखों का प्रकाशन, जिनमें 14 ISO/UGC प्रमाणित, इंडेक्स्ड, पीयर-रिव्यूड अंतरराष्ट्रीय जर्नल शामिल
- 52 शोध-पत्र राष्ट्रीय सम्मेलनों, प्लेनरी सेशनों और कार्यशालाओं में प्रस्तुत
- यूजीसी द्वारा प्रायोजित 2 लघु शोध परियोजनाओं का सफल समापन
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ, डॉ. पाणी ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ भी निभाईं। उन्होंने कोल्हान विश्वविद्यालय में 6 वर्षों तक परीक्षा नियंत्रक, 3 वर्षों तक वित्त अधिकारी, और जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी में 6 माह तक अतिरिक्त वित्त अधिकारी के रूप में सेवा दी। वर्तमान में वे नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के कुलपति के रूप में अपनी दूरदर्शी नीतियों के द्वारा संस्थान को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. पाणी की संस्थागत एवं पेशेवर सक्रियता भी उल्लेखनीय है। वे इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन, इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ मैनेजमेंट (AISM), एवं यूनाइटेड राइटर्स’ एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FUWAI) के सक्रिय सदस्य हैं। साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड जर्नल Advances in Management के संपादकीय बोर्ड में भी कार्यरत हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पाणी ने इस उपलब्धि को अपने छात्रों, सहकर्मियों और मार्गदर्शकों को समर्पित किया तथा कहा कि उनकी निरंतर प्रेरणा और सहयोग ने इस लंबी शैक्षणिक यात्रा को सार्थक बनाया है।
यह सम्मान न केवल डॉ. पाणी की व्यक्तिगत उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में उनके व्यापक और स्थायी योगदान को भी उजागर करता है।
