भारतीय संविधान की प्रस्तावना की मानवी श्रृंखला बनाकर दिया सामाजिक संदेश!

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Share with othersआई सेंटर, महाराष्ट्र, भारत द्वारा ‘भारतीय गणतंत्र दिवस’ का जश्न! अंबाजोगाई (दि.२६) प्रतिनिधी : अंबाजोगाई के सुप्रसिद्ध शिक्षण संस्थान ‘इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज सेंटर’ यानी आई सेंटर ने लोकतंत्र दिवस के अवसर पर संविधान की उद्देशिका को माउंट बोर्ड पर पेटिंग करके मानव श्रृंखला बनाकर सामूहिक वाचन किया। ‘भारतीय संविधान विजयी रहे, हर भारतीय का प्राण ..भारतीय संविधान’ ऐसे जयघोष करनेवाले नारों से इस अवसर पर संघर्षभूमी, अंबाजोगाई, बीड का परिसर गुंजायमान रहा। भारत का संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के उच्चतम संवैधानिक मूल्यों को व्यक्त करता है! आई…

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नाशिक के सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय गांधी को ‘आयडियल इंडियन अवार्ड-२०२२’ पुरस्कार ; नाशिक के कार्यसम्राट विधायक सौ.सीमाताई हिरे ने किया अभिनंदन !

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Share with others नाशिक (दि.२५ दिसं.) विशेष प्रतिनिधी: नाशिक के सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय गांधी को हाल ही, द आयडियल इंडियन बुक ऑफ रेकॉर्ड्स कि तरफ से ‘आयडियल इंडियन अवार्ड्स-२०२२’ से सम्मानित किया गया| आझादी का अमृत महोस्तवी वर्ष के चलते हुये, इस अवार्ड को प्रदान किया गया| अक्षय गांधी के सामाजिक कार्य को देखते हुये, उन्हे इस अवार्ड के लिये चुना गया था| नाशिक जिल्हा के पश्चिम विभाग के कार्यसम्राट और लोकप्रिय विधायक सौ. सीमाताई हिरे इन्होने अक्षय को मिले हुये सम्मानपत्र और गोल्डन मेडल अपने हातो से पेहनाकर अक्षय…

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कोरोना के बाद सकारात्मक सोच के साथ बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राएं खुद को तैयार करें- विश्वविक्रमवीर सर नागेश जोंधले

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Share with othersशिक्षा के घर आई सेंटर, पुणे द्वारा प्रस्तुत आंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ‘द डायनामिक टॉप रैंकर’ का आयोजन पुणे (विशेष प्रतिनिधी) दि.25 दिसंबर : जैसे-जैसे 10वीं/12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, पढ़ाई का तनाव, परीक्षा का डर, सफलता पाने का संघर्ष ही वह कारण है जिसके लिए छात्रों को कोरोना के बाद सकारात्मक मानसिकता के साथ बोर्ड परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है। पुणे में ‘द डायनामिक टॉप रैंकर’ तनाव मुक्त छात्र – तनाव मुक्त परीक्षा इस विषय संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।…

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‘आई सेंटर’ और ‘द आइडियल इंडियन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स’ आयोजित भव्य समारोह में विश्वरिकॉर्ड सम्मान प्रदान..!

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Share with othersभारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर सबसे लंबा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर बनाया था कीर्तीमान| अंबाजोगाई बीड (संवाददाता) दि.२२ दिसंबर: अंबाजोगाई, बीड, महाराष्ट्र के ‘आई बहुउद्देशीय सेवाभावी संस्था’ संचलित ‘आई सेंटर’ की ओर से भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव पर सबसे लंबा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के रिकॉर्ड धारकों को “आई सेंटर” और “द आइडियल इंडियन” द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविक्रमवीर सर नागेश जोंधले, इंटरनेशनल पर्सनैलिटी ऑफ एजुकेशन अवार्डी और अमेज़न बेस्ट सेलिंग लेखक ने की।…

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लोकनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था के माध्यम से भारतीय संविधान दिन पर छात्रो की मदत

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Share with othersनाशिक (दि.३० नोव्हें.) : लोकनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था समाज के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों जैसे गली, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जिला सरकारी अस्पताल में रहने वाले जरूरतमंद और निराश्रित प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के विकासकार्य में मदद करता है। ऐसे जरूरतमंद, अनाथ एवं निराश्रित व्यक्तियों को उनकी दैनिक जरूरतों को साधन-सामग्री के रूप में उपलब्ध कराने का कार्य लोक निर्माण बहुउद्देशीय संस्था द्वारा निरन्तर किया जाता है। लोकनिर्माण बहुउद्देशीय संस्थान की ओर से संविधान दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक संजय पाटिल के सहयोग से स्थलांतरित श्रमिकों के जरूरतमंद एवं…

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निर्वाण फाउंडेशन द्वारा रक्तदान शिविर से ज्योतिबा फुले को सादर आदरांजली

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Share with othersनाशिक (30 नवंबर) संवाददाता : महात्मा फुले के स्मृति दिवस के अवसर पर निर्वाण फाउंडेशन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैतरणा तालुका इगतपुरी, नासिक के सहयोग से वैतरणा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया| इस मौके पर जिला सरकारी अस्पताल ब्लड बैंक की ओर से रक्त संग्रह किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वैतरणा के चिकित्सा अधिकारी क्रेचिका गजभिए, डॉ. बीएस लचके, आरआर चव्हाण, सोनाली तूसे, सरस्वती मुले, डॉ. रक्त संग्रह में तुषार निकम के अलावा निर्वाण फाउंडेशन के अध्यक्ष निलेश आंबेडकर, सचिव राहुल सोनवणे, वैतरणा ग्राम पंचायत मार्कंडेय…

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नासिक की त्रिरश्मी बुद्ध लेणी पर ‘संविधान दिवस’ बड़े उत्साह के साथ मनाया गया

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Share with othersनासिक, 26 नवंबर (प्रतिनिधि) : भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर भारत का संविधान दिवस (26 नवंबर ) नासिक की ऐतिहासिक त्रिरश्मी बुद्धलेनी पर सामाजिक संस्था चरिका फाउंडेशन की स्थापना कर कर बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भारतीय संविधान मानवीय मूल्यों की रक्षा करके प्रत्येक नागरिक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था के अध्यक्ष मिलिंद बनसोडे ने कहा की, “हम इस संविधान की साक्षी बनकर भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला अधिकारिता के क्षेत्र में संगठित होकर सामाजिक दायित्व निभाएंगे।” इस अवसर पर संस्था के…

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श्री नारायण राणे ने एमएसएमई की वृद्धि और विकास पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया

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Share with othersदि.२० नोव्हें: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने आज मणिपुर के इंफाल में एमएसएमई की वृद्धि व विकास पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना था। संगोष्ठी को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री नारायण राणे ने संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों के कारण मणिपुर आसियान के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में सामने आएगा। एमएसएमई मंत्रालय के प्रौद्योगिकी…

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सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर- निस्पर ने आईसीएमआर के सहयोग से स्वास्थ्य संचार पर संपर्क सत्र आयोजित किया

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Share with othersयदि वैज्ञानिक संवाद नहीं करते हैं, तो गैर- विशेषज्ञ संवाद करना शुरू कर देंगे और फिर भ्रामक  सूचनाओं और असत्य  जानकारियों  के बादल उठेंगे, इसलिए हमारे वैज्ञानिकों को विज्ञान संचार के महत्वपूर्ण कार्य में शामिल करना आवश्यक है”। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान परिषद – राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर- निस्पर -एनआईएससीपीआर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च ) की निदेशक प्रो. रंजना अग्रवाल ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान  परिषद ( आईसीएमआर ) के सहयोग से सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर द्वारा आयोजित ‘स्वास्थ्य संचार पर आयोजित संपर्क सत्र ‘ में गत 16 नवंबर 2022 को अपने उद्घाटन भाषण के दौरान इन विचारों को साझा किया। उन्होंने कहा कि हमने हाल के दिनों में कोविड -19 महामारी से बहुत कुछ सीखा और हमने देखा कि कैसे विज्ञान संचार ने अनिश्चितता के उन दिनों में अवैज्ञानिक बातों को मिटाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ( आईसीएमआर )  की विभिन्न प्रयोगशालाओं के 30 वैज्ञानिकों ने भाग लिया। सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर द्वारा आईसीएमआर के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य संचार पर संपर्क सत्र के उद्घाटन समारोह की एक झलक : दाएं से बाएं – डॉ. रजनी कांत, वैज्ञानिक-जी, आईसीएमआर, प्रो. रंजना अग्रवाल, निदेशक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर एवं मोहन गोरे, वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर डॉ. रजनीकांत, वैज्ञानिक-जी और निदेशक, आईसीएमआर-क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, गोरखपुर इस कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि थे। उद्घाटन समारोह के दौरान डॉ. कांत ने कहा कि ये भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद ( आईसीएमआर  ) प्रयोगशालाओं के ‘सुपर 30’ वैज्ञानिक हैं और मुझे विश्वास है कि विज्ञान संचार के इस पाठ्यक्रम के बाद ये कुशल विज्ञान संचारकर्ता भी  बनेंगे । उन्होंने कहा कि आईसीएमआर ने सबसे पहले स्वास्थ्य संचार पर एक पाठ्यक्रम शुरू किया है और यह समय की मांग है । वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान परिषद – राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर- निस्पर -एनआईएससीपीआर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च ) में संपर्क सत्र में भाग लेने वाले आईसीएमआर के वैज्ञानिक सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर में पहले तकनीकी सत्र में चार विशेषज्ञों ने चिंता के विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया। श्री आर.एस. जयसोमु, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने ‘अनुसंधान संचार बनाम विज्ञान संचार: समय की आवश्यकता’ पर व्याख्यान दिया। डॉ. वाई माधवी, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के वार्ता का विषय था ‘ कोविड पश्चात काल में स्वास्थ्य संचार’। डॉ. मनीष मोहन गोरे, वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने ‘ विभिन्न मीडिया प्रारूपों के लिए लोकप्रिय विज्ञान लेखन ‘ पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। श्री अश्विनी ब्राह्मी, प्रधान तकनीकी अधिकारी, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने आईसीएमआर के भाग लेने वाले वैज्ञानिकों के साथ विज्ञान संचार में उत्पादन और मुद्रण  की जानकारी पर चर्चा की। पहले तकनीकी सत्र के बाद, सभी प्रतिभागियों ने सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की वैज्ञानिक सुविधाओं का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों ने औषधीय पौधों की प्रिंटिंग यूनिट-मशीनरी, आयुर वाटिका और पौधों, पशुओं और खनिजों पर आधारित कच्चे माल के हर्बेरियम का अवलोकन किया। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर विज्ञान प्रौद्योगिकी नवाचार  ( एसटीआई ) आधारित नीति अध्ययन- अनुसंधान और विज्ञान संचार के दो प्रमुख अधिदेशों के साथ सीएसआईआर की घटक प्रयोगशालाओं में से एक है। एनआईएससीपीआर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न प्रमुख विषयों में 16 समकक्ष समीक्षित मुक्त पहुंच पत्रिकाएँ ( ओपन एक्सेस जर्नल ) प्रकाशित करता है। देश की तीन सर्वाधिक लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाएं सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर से प्रकाशित होती हैं। ये पत्रिकाएं हैं साइंस रिपोर्टर ( अंग्रेजी में ), विज्ञान प्रगति ( हिंदी में ) और साइंस की दुनिया ( उर्दू में ) । दूसरे तकनीकी सत्र के दौरान तीन विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया। वरिष्ठ विज्ञान संचारक और फोटो पत्रकार श्री पल्लव बागला ने प्रतिभागियों के साथ ‘ विज्ञान संचार के चतुर तरीकों ‘ के बारे में बातचीत की। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के वैज्ञानिक डॉ. परमानंद बर्मन ने भारतीय पारंपरिक ज्ञान की वैज्ञानिक मान्यता पर केंद्रित ‘ स्वस्तिक और इसके मीडिया कवरेज से जुडी अंतर्दृष्टियों ( इनसाइट्स ) ‘ पर अपनी बात प्रस्तुत की । सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर के ही वैज्ञानिक डॉ. मेहर वान के व्याख्यान का विषय था – ‘ अपने शोध को आम जनता तक कैसे पहुंचाएं’। दोनों सत्रों के विशेषज्ञों की प्रेरक वार्ता से आईसीएमआर प्रयोगशालाओं के सभी प्रतिभागी वैज्ञानिकों ने बहुत कुछ सीखा। यह भी योजना बनाई गई थी कि प्रत्येक प्रतिभागी अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र पर एक लोकप्रिय विज्ञान लेख लिखेगा और विज्ञान रिपोर्टर और विज्ञान प्रगति ( सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर की लोकप्रिय विज्ञान पत्रिका ) में प्रकाशित करने के उद्देश्य से सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर के पास  भेजेगा । कार्यक्रम के अंत में आईसीएमआर के वैज्ञानिकों डॉ. एना डोगरा और डॉ. प्रिया ने प्रतिक्रिया एवं समझ ( फीडबैक एंड  टेकअवे ) सत्र का समन्वयन किया। डॉ. मनीष मोहन गोरे, वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा सुश्री शुभदा कपिल, तकनीकी सहायक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।

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आयकर विभाग का कर्नाटक में तलाशी अभियान

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Share with othersदि.१८ नोव्हें.: आयकर विभाग ने 20.10.2022 और 02.11.2022 को कुछ व्यक्तियों के खिलाफ छापामारी और जब्ती की कार्रवाई की। इन व्यक्तियों ने विभिन्न रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ संयुक्त विकास समझौते (जेडीए) कार्यान्वित किए थे। छापामारी की इस कार्रवाई में बेंगलुरु, मुंबई और गोवा में फैले 50 से अधिक परिसर शामिल थे। इस छापामारी अभियान के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के रूप में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक साक्ष्य मिले और उन्हें जब्त किया गया। इसके अलावा विक्रय समझौता, विकास समझौता और दखल प्रमाणपत्र (ओसी) से संबंधित साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। इन…

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