देहरादून: प्रख्यात शिक्षाविद्, साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक डॉ. नेत्रमणि बडोनी (अविरल) को शिक्षा में उत्कृष्टता की श्रेणी में प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान ग्लोबल आइकॉन्स ऑफ इंडिया ई-मैगज़ीन द्वारा शिक्षा, शैक्षणिक नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. बडोनी ने अपना संपूर्ण कार्यकाल सरकारी शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत मूल्य-आधारित और समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित किया है। शिक्षा, अंग्रेज़ी साहित्य, पत्रकारिता और मानवाधिकारों में सुदृढ़ शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने शैक्षिक सुधार, संस्थागत विकास और विद्यार्थियों के बौद्धिक उन्नयन हेतु निरंतर कार्य किया है। अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नैतिक शिक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें विद्यार्थियों, शिक्षकों और बौद्धिक जगत में व्यापक सम्मान दिलाया है।
शिक्षा के अतिरिक्त, डॉ. बडोनी एक कवि, लेखक और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में भी व्यापक रूप से प्रसिद्ध हैं। वे साहित्य और मीडिया को सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों, पर्यावरणीय जागरूकता और मानवाधिकारों के प्रसार का प्रभावी माध्यम मानते हैं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में प्रकाशित उनके लेखन ने समकालीन शैक्षिक और सामाजिक मुद्दों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. बडोनी को इससे पूर्व विद्या वाचस्पति और राष्ट्रीय गौरव सम्मान 2025 जैसे अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो शिक्षा और समाज के प्रति उनके बहुआयामी योगदान को रेखांकित करते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान 2025 उनके एक समर्पित शिक्षाविद् और राष्ट्र-निर्माता के रूप में योगदान को और अधिक सुदृढ़ करता है, जिनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
