छत्तीसगढ़, 13 दिसंबर 2025: प्रख्यात शिक्षाविद्, लेखक, सांस्कृतिक दूत एवं समाज सुधारक डॉ. मुन्ना लाल देवदास को शिक्षा, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सेवा के क्षेत्र में उनके आजीवन योगदान के लिए प्रतिष्ठित “अशोक राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025” से सम्मानित किया गया। यह राष्ट्रीय सम्मान ब्लू स्टार इवेंट, नाशिक द्वारा प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक ग्राम कोपरा के निवासी डॉ. देवदास ने 1987 से 2023 तक 36 वर्षों तक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के रूप में सेवाएँ दीं। ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2007 में राष्ट्रपति राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल द्वारा प्रदान किया गया था।
डॉ. देवदास एक प्रतिष्ठित लेखक एवं सांस्कृतिक इतिहासकार भी हैं। उन्होंने 18 प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक पुस्तकों का लेखन किया है तथा छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर अनेक शोध लेख प्रकाशित किए हैं। उनके साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें 75 वर्षों की प्रभात भजन परंपरा के दस्तावेजीकरण हेतु प्राप्त विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है।
उनकी हालिया उपलब्धियों में गरियाबंद जिले के श्यामनगर ग्राम में प्रतिदिन सुबह 9 बजे राष्ट्रगान के आयोजन की ऐतिहासिक परंपरा का दस्तावेजीकरण प्रमुख है, जो 26 जनवरी 2018 से निरंतर जारी है। इस विषय पर उनकी प्रकाशित कृति “श्यामनगर में राष्ट्रगान की अनूठी परंपरा” के माध्यम से इस पहल को द आइडियल इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित अन्य रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म्स में स्थान प्राप्त हुआ।
डॉ. देवदास सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पशु बलि के विरुद्ध शांतिपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया तथा सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। उनके भक्ति एवं सांस्कृतिक गीतों को प्रसिद्ध गायकों द्वारा स्वर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
अशोक राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025 डॉ. मुन्ना लाल देवदास के शिक्षा, समाज एवं संस्कृति के क्षेत्र में किए गए आजीवन समर्पित कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है।
